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नीट छात्रा की मौत पर सियासत गरमाई, विधानसभा परिसर में विपक्ष का जोरदार हंगामा

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पटना।नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत ने बिहार की सियासत को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला अब केवल एक छात्रा की मौत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्र सुरक्षा, प्रशासनिक संवेदनशीलता और राज्य की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन गया है। गुरुवार को बिहार विधानसभा परिसर में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष का आक्रोश खुलकर सामने आया, जहां अलग-अलग दलों के प्रदर्शनों ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया।
विधानसभा परिसर के पोर्टिको में राष्ट्रीय जनता दल के विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। राजद नेताओं ने नीट छात्रा की मौत को “साधारण घटना” मानने से इनकार करते हुए इसे गंभीर चूक और लापरवाही का नतीजा बताया। उनका कहना था कि शुरुआती जांच से लेकर अब तक की कार्रवाई सवालों के घेरे में है और जिस तेजी व पारदर्शिता की जरूरत थी, वह नजर नहीं आई। राजद का आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासन सक्रिय होता, तो हालात इतने गंभीर नहीं होते।
राजद विधायकों ने सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं पर मानसिक दबाव पहले से ही अधिक रहता है, ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही सीधे उनकी जान से जुड़ जाती है। विपक्ष ने सरकार से यह भी सवाल किया कि आखिर छात्रावासों, कोचिंग इलाकों और शैक्षणिक हब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस नीति क्यों नहीं बनाई गई।
प्रदर्शन के दौरान राजद नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था को भी आड़े हाथों लिया। उनका कहना था कि बिहार में अपराध की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और छात्र, महिलाएं व आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राजद का दावा है कि मौजूदा सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में नाकाम साबित हो रही है और संवेदनशील मामलों में सिर्फ औपचारिक बयानबाजी तक सीमित रह जाती है।
इसी बीच विधानसभा परिसर में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के विधायकों ने अलग मोर्चा खोला। एआईएमआईएम ने राज्य में हो रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर प्रदर्शन करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरा बनती जा रही हैं, लेकिन सरकार न तो ठोस कार्रवाई कर रही है और न ही पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय मिल पा रहा है।
AIMIM विधायकों का कहना था कि मॉब लिंचिंग के मामलों में जांच की रफ्तार धीमी रहती है और सख्त संदेश देने वाली कार्रवाई का अभाव साफ दिखता है। इससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस दिशा में सख्त कदम नहीं उठाए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
दो अलग-अलग मुद्दों पर हुए इन प्रदर्शनों की वजह से विधानसभा परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा बलों को भी सतर्क रहना पड़ा। विपक्ष ने साफ संकेत दिया है कि छात्र सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और मॉब लिंचिंग जैसे मुद्दों को लेकर वह आने वाले दिनों में सरकार को लगातार घेरेगा।
अब निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। देखना होगा कि नीट छात्रा की मौत और कानून-व्यवस्था से जुड़े इन सवालों पर सरकार केवल सफाई देती है या ठोस कार्रवाई कर विपक्ष के आरोपों का जवाब देती है।

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